GAZALS - BHAJANS.
प्रिय दोस्तों,
कोई कमेन्ट्स नहीं, सिर्फ एज्योयमेन्ट।
रॅअर ऑडियो वीथ स्पॅसियल, रिवर्ब और बूस्ट-अप ट्रीटमॅन्ट्स।
१- गज़ल- उस्ताद- ओस्मान मीर।
" ज़िदगी से यही गीला है मूझे, तू बहोत देर से मिला है मूझे।"
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